पंजाब और दिल्ली में प्रदूषण के ऊपर सियासी जंग सिरसा ने केजरीवाल को लिखा पत्र अब सियासत या समाधान क्या होगा

दिल्ली वालों के लिए नवंबर की शुरुआत फिर से उसी पुरानी परेशानी के साथ हुई है। सुबह उठो तो खिड़की से बाहर कुछ दिखता ही नहीं। गले में खराश, आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ।
CPCB के आंकड़ों के हिसाब से सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 352 दर्ज हुआ। ये बेहद गंभीर श्रेणी में आता है। आनंद विहार में तो AQI 400 के पार चला गया, जहांगीरपुरी में 385 और द्वारका में 340 के आसपास रहा।
डॉक्टर साफ कह रहे हैं - बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा के मरीज बिना जरूरत घर से बाहर ना निकलें। स्कूलों में बच्चों को मास्क पहनने की सलाह दी गई है।
सिरसा ने क्यों फोड़ा पंजाब पर बम?
हर साल की तरह इस बार भी पराली को लेकर सियासत शुरू हो गई। लेकिन इस बार दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सीधे पंजाब सरकार को घेरा।
दिल्ली सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने कहा - पंजाब में AAP सरकार पूरी तरह फेल है। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए कोई मदद नहीं मिली। उल्टा कई जगह पुलिस वाले खड़े होकर पराली जलते देखते रहे।
सिरसा ने आंकड़े रखे - 15 अक्टूबर से 3 नवंबर तक पंजाब में पराली जलाने के 1047 मामले सामने आए, वहीं हरियाणा में सिर्फ 18 मामले।
उन्होंने कहा - फर्क नीयत का है। हरियाणा ने मशीनों पर सब्सिडी दी, प्रति एकड़ 1000 रुपये बोनस दिया, बायो-डीकंपोजर बांटा और हर जिले के DC से रोज रिपोर्ट मंगवाई। पंजाब ने सिर्फ 271 दिखावटी FIR की, बड़े किसानों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
केजरीवाल को पत्र - सियासत या अपील?
सिरसा ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को पत्र लिखकर अपील की है - पंजाब सरकार को समझाइए। क्योंकि पंजाब में जली पराली का धुंआ 24 घंटे में दिल्ली पहुंच जाता है और दिल्ली के 2 करोड़ लोग बीमार होते हैं।
इधर AAP ने पलटवार किया है। उनका कहना है - दिल्ली में प्रदूषण सिर्फ पराली से नहीं, वाहनों और फैक्ट्रियों से भी है। पंजाब सरकार का कहना है - केंद्र ने पराली मशीनों के लिए पूरा पैसा नहीं दिया।
UP में भी बढ़ रहा है मुद्दा
इधर उत्तर प्रदेश में भी प्रदूषण बढ़ रहा है। चुनाव आयोग ने यूपी में 12 नवंबर को वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी करने का ऐलान किया है। ऐसे में पराली का मुद्दा यूपी में भी चुनावी मुद्दा बन सकता है।
स्थायी समाधान क्या है?
विशेषज्ञ साफ कहते हैं - सिर्फ FIR और जुर्माने से बात नहीं बनेगी। किसानों को प्रति एकड़ सीधी मदद देनी होगी और पराली से बायो-CNG बनाने वाली फैक्ट्रियां लगानी होंगी। जब तक किसान को पराली से पैसा नहीं मिलेगा, तब तक वो उसे जलाता रहेगा।
कुछ सवाल-जवाब
सवाल दिल्ली का AQI कितना है?
जवाब औसत 352, आनंद विहार में 400 पार।
सवाल पंजाब-हरियाणा में कितने केस?
जवाब पंजाब में 1047, हरियाणा में सिर्फ 18।
सवाल सिरसा का आरोप क्या है?
जवाब पंजाब पुलिस खुद पराली जलवाने में मदद कर रही है, सिर्फ 271 दिखावटी FIR हुई।
सवाल हरियाणा ने क्या किया?
जवाब सब्सिडी, 1000 रुपये बोनस, बायो-डीकंपोजर और रोज मॉनिटरिंग।








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