दिल्ली MCD के 12 वार्डों में 30 नवंबर को उपचुनाव 2027 से पहले सेमीफाइनल BJP-AAP में सीधी टक्कर

दिल्ली की सियासत में एक बार फिर चुनावी बिगुल बज गया है। फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव के बाद अब बारी है नगर निगम के उपचुनाव की। दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने सोमवार को 12 वार्डों के लिए उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया।
वोटिंग 30 नवंबर, गिनती 3 दिसंबर
आयोग के मुताबिक, अधिसूचना 3 नवंबर 2025 को जारी होगी। नामांकन भरने की आखिरी तारीख 10 नवंबर, स्क्रूटनी 12 नवंबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 15 नवंबर है। मतदान 30 नवंबर को सुबह 7:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक होगा। वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी।
इन 12 वार्डों में चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।
आखिर खाली क्यों हुईं ये 12 सीटें?
असल में 5 फरवरी 2025 को हुए विधानसभा चुनाव में 11 पार्षद विधायक बन गए। इनमें मौजूदा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हैं, जो शालीमार बाग-B वार्ड से पार्षद थीं। 11 पार्षदों के विधायक बनते ही उनकी निगम की सीटें खाली हो गईं।
12वां वार्ड द्वारका-B है। ये सीट जुलाई 2024 से खाली है, क्योंकि यहां की पार्षद कमलजीत सहरावत पश्चिमी दिल्ली से भाजपा की सांसद बन गई थीं। तब से यहां चुनाव लंबित था।
कौन से हैं वो 12 वार्ड, जहां होगी जंग?
चुनाव आयोग ने जिन वार्डों में उपचुनाव घोषित किया है, वे हैं - मुंडका, शालीमार बाग-B, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका-B, दीचाओं कलां, नारायणा, संगम विहार-A, दक्षिणपुरी, ग्रेटर कैलाश और विनोद नगर।
पार्टी वाइज देखें तो इनमें से 9 वार्ड पहले भाजपा के कब्जे में थे, जबकि 3 वार्ड - चांदनी चौक, चांदनी महल और दीचाओं कलां आम आदमी पार्टी के पास थे। यानी भाजपा के लिए 9 सीटें बचाना प्रतिष्ठा का सवाल है।
कितने वोटर , कितने बूथ?
आयोग के अनुसार इन 12 वार्डों में कुल 6,98,751 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। 2025 की वोटर लिस्ट से ही ये चुनाव होंगे। सबसे ज्यादा बूथ शालीमार बाग-B में 55 बनाए गए हैं, जहां 80,000 से ज्यादा वोटर हैं।
BJP और AAP दोनों के लिए क्यों अहम है ये चुनाव?
यह उपचुनाव भले ही 12 सीटों का हो, लेकिन इसके सियासी मायने बड़े हैं।
भाजपा के लिए - विधानसभा में 48 सीटों के साथ सरकार में आने के बाद भाजपा MCD में भी अपनी पकड़ मज़बूत करना चाहती है। 2022 में MCD में 15 साल बाद भाजपा हारी थी। अब 9 सीटें बचाकर वो संदेश देना चाहती है कि दिल्ली में डबल इंजन सरकार कायम है।
AAP के लिए - विधानसभा में 22 सीटों पर सिमटने के बाद AAP के पास वापसी का मौका है। अगर वो 12 में से 5-6 सीटें भी जीत जाती है, तो वो कह सकेगी कि MCD में जनता का भरोसा अभी भी उस पर है। 2027 में होने वाले पूरे MCD चुनाव से पहले यह लिटमस टेस्ट है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
2022 MCD चुनाव में AAP ने 250 में से 134 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया था, BJP को 104 और कांग्रेस को 9 सीटें मिली थीं। लेकिन 2025 विधानसभा के बाद 11 पार्षदों के जाने से MCD में समीकरण बदल गए। इस उपचुनाव के बाद MCD में नई ताकत का अंदाजा लगेगा।
4.सवाल - जवाब
सवाल दिल्ली MCD उपचुनाव की वोटिंग कब है?
जवाब 30 नवंबर 2025 को।
सवाल नतीजे कब आएंगे?
जवाब 3 दिसंबर 2025 को।
सवाल ये 12 वार्ड खाली क्यों हुए?
जवाब 11 पार्षद विधायक बने और 1 सांसद बनीं।








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