सीएम नायब सिंह सैनी शामिल होंगे, 40 साल बाद सिख पीड़ित परिवारों के पुनर्वास पर मंथन, पंजाब चुनाव 2027 से पहले भाजपा का बड़ा दांव

चंडीगढ़ में ऐतिहासिक सम्मेलन चंडीगढ़ में आज यानी 4 नवंबर 2026 को भाजपा ने एक बेहद भावुक और ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन किया है। इस कार्यक्रम का नाम है जख्म 84 दे कॉन्क्लेव। यह सम्मेलन 1984 के सिख विरोधी दंगों को समर्पित है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस ने 1984 में जो जख्म सिख समुदाय को दिए थे, वो आज भी हरे हैं और उन जख्मों पर मरहम लगाने का समय आ गया है।
यह कॉन्क्लेव चंडीगढ़ के सेक्टर 34 स्थित भाजपा मुख्यालय में सुबह 10 बजे से शुरू होगा। इसमें 1984 के दंगों के 100 से ज्यादा पीड़ित परिवार शामिल होंगे। कई परिवार दिल्ली, कानपुर, बोकारो और हरियाणा से आए हैं। सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज, वरिष्ठ वकील, इतिहासकार और सिख समुदाय के बुद्धिजीवी भी शामिल होंगे। दिन के अंतिम सत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद शामिल होंगे और पीड़ित परिवारों से बात करेंगे।
क्या है जख्म 84 दे कॉन्क्लेव?
1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत पूरे देश में सिख विरोधी दंगे हुए थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2800 से ज्यादा सिख मारे गए थे। सिख समुदाय का आरोप है कि कांग्रेस के नेताओं ने इन दंगों को भड़काया था। 40 साल बीत जाने के बाद भी कई पीड़ित परिवारों को पूरा इंसाफ नहीं मिला। कई परिवारों को आज भी सरकारी नौकरी, मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला। भाजपा ने इस मुद्दे को हमेशा उठाया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि इस कॉन्क्लेव में तीन बड़े विषयों पर चर्चा होगी। पहला - 1984 दंगा पीड़ितों को कानूनी इंसाफ कैसे मिले और बचे हुए दोषियों को सजा कैसे हो। दूसरा - पीड़ित परिवारों के बच्चों को शिक्षा और नौकरी में कैसे मदद मिले। तीसरा - इतिहास में इस घटना को सही तरीके से कैसे दर्ज किया जाए ताकि आने वाली पीढ़ियां सच्चाई जान सकें।
पंजाब चुनाव से जुड़ा बड़ा सियासी मतलब
इस सम्मेलन का सियासी मतलब भी बहुत बड़ा है। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव हैं। पंजाब में 60 फीसदी से ज्यादा सिख वोटर हैं। आम आदमी पार्टी के 3 विधायकों के भाजपा में जाने के बाद भाजपा को लग रहा है कि पंजाब में भाजपा की सरकार बन सकती है। मुख्यमंत्री सैनी ने 3 नवंबर को ही कहा था कि अब पंजाब में भाजपा सरकार का समय आ गया है। इसी रणनीति के तहत भाजपा सिख समुदाय को साधने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस ने इस सम्मेलन का विरोध किया है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा 40 साल पुराने जख्मों को कुरेद कर वोट लेना चाहती है। जबकि आम आदमी पार्टी ने कहा है कि भाजपा सिर्फ इवेंट करती है, काम नहीं करती।
हरियाणा सरकार की तैयारी
हरियाणा सरकार ने पिछले साल ही 1984 के हरियाणा में रहने वाले 121 सिख परिवारों को अतिरिक्त मुआवजा दिया था। अब सरकार हर जिले में ऐसे परिवारों की नई लिस्ट बना रही है जिनको आज तक मदद नहीं मिली।
कुछ सवाल-जवाब
सवाल जख्म 84 दे कॉन्क्लेव क्या है?
जवाब यह 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने और उनके पुनर्वास के लिए भाजपा द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित एक दिवसीय सम्मेलन है।
सवाल यह सम्मेलन कब और कहां हो रहा है?
जवाब यह 4 नवंबर 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर 34 स्थित भाजपा मुख्यालय में हो रहा है।
सवाल इसमें कौन शामिल होगा?
जवाब इसमें 1984 दंगे के 100 से ज्यादा पीड़ित परिवार, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज, वकील और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शामिल होंगे।
सवाल इसका सियासी मतलब क्या है?*
जवाब पंजाब में 2027 में चुनाव हैं। सिख वोटरों को साधने के लिए भाजपा ने यह सम्मेलन आयोजित किया है।








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