राजस्थान पंचायत चुनाव 5 नवंबर 2026 आज 3716 गांवों में सरपंच के लिए महावोटिंग, गांव-गांव में लोकतंत्र का महापर्व

आज राजस्थान का गांव जाग गया है। आज शहर की राजनीति नहीं, गांव की राजनीति चल रही है। आज राजस्थान पंचायत चुनाव 5 नवंबर 2026 का तीसरा चरण है। 27 जिलों की 3716 ग्राम पंचायतों में आज पंच और सरपंच के लिए वोट डाला जा रहा है।
सुबह 7 बजे से ही बूथों पर लंबी लाइनें लग गईं। बुजुर्ग लाठी लेकर आए, महिलाएं घूंघट में आईं, युवा पहली बार वोट डालने आए। सबके चेहरे पर एक ही बात थी - आज हम अपना सरपंच चुनेंगे। आज हम अपने गांव का भाग्य लिखेंगे।
गांव की चौपाल पर लोग कह रहे हैं - आज दिल्ली-जयपुर की बात नहीं होगी, आज हमारे गांव की बात होगी। आज हमारा सरपंच ही हमारा मुख्यमंत्री है।
3716 पंचायतों में महावोटिंग- आंकड़े क्या कहते हैं
आज के चुनाव में आंकड़े ही अपने आप में बड़ी कहानी कहते हैं। आज 27 जिलों में 3716 ग्राम पंचायतों में चुनाव हो रहा है।
3716 सरपंच चुने जाएंगे। 34218 वार्ड पंच चुने जाएंगे। 1 करोड़ 6 लाख से ज्यादा वोटर आज अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। 11869 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।
जयपुर में सबसे ज्यादा हलचल है। सीकर में सबसे ज्यादा युवा वोटर हैं। नागौर में किसान सबसे ज्यादा वोट डाल रहे हैं। दौसा में महिलाएं सबसे आगे हैं। बाड़मेर में रेगिस्तान में भी लोग 5-5 किलोमीटर पैदल चलकर वोट डालने आ रहे हैं।
एक बूथ पर 80 साल की दादी ने कहा - बेटा मैं मरने से पहले अपने गांव के लिए अच्छा सरपंच चुनना चाहती हूं। मेरे गांव में पानी नहीं है, मेरे गांव में सड़क नहीं है। मैं वोट डालूंगी, तभी पानी आएगा। यही राजस्थान की असली ताकत है।
गांव की असली मांग - पानी, सड़क, स्कूल और सम्मान
गांव के लोग इस बार नेता को नहीं, काम को वोट दे रहे हैं। गांव में जाकर पूछो तो हर आदमी एक ही बात कहता है।
पहली मांग - पानी। नागौर के किसान ने कहा - हमारे खेत सूख गए, हमें पानी चाहिए। जो सरपंच पानी लाएगा, हम उसी को जिताएंगे।
दूसरी मांग - सड़क। बाड़मेर के लोगों ने कहा - बरसात में हमारी सड़क टूट जाती है, बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। हमें पक्की सड़क चाहिए।
तीसरी मांग - स्कूल और अस्पताल। सीकर की एक मां ने कहा - मेरे बेटे को पढ़ना है, पर गांव में अच्छा स्कूल नहीं है। मेरी बेटी को डॉक्टर बनना है, पर गांव में अस्पताल नहीं है।
चौथी मांग - सम्मान। गांव की महिलाओं ने कहा - हमें सम्मान चाहिए। हमें पंचायत में बोलने का मौका चाहिए। हमें सिर्फ वोट देने वाली नहीं, फैसले लेने वाली बनना है।
यही 4 मांगें आज के चुनाव की सबसे बड़ी ताकत बन गई हैं।
महिला आरक्षण ने बदल दिया पूरा खेल
इस बार राजस्थान पंचायत चुनाव में महिला आरक्षण ने पूरा खेल बदल दिया है। कई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
पहले गांव में महिलाएं घर से नहीं निकलती थीं। आज महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं। आज महिलाएं बूथ पर सबसे आगे खड़ी हैं।
दौसा में एक महिला उम्मीदवार ने कहा - मैं घर से निकलूंगी, गांव के लिए काम करूंगी। मुझे पढ़ाई का मौका नहीं मिला, पर मैं अपनी बेटियों को पढ़ाऊंगी। मैं गांव में बालिका स्कूल खोलूंगी।
जयपुर की एक महिला सरपंच उम्मीदवार ने कहा - मैं गांव में सीसीटीवी लगवाऊंगी, मैं गांव में महिलाओं के लिए सिलाई सेंटर खोलूंगी।
गांव की महिलाएं कह रही हैं - अब हम सिर्फ वोट नहीं देंगे, हम चुनाव भी लड़ेंगे, हम जीतेंगे भी।
युवा सरपंच की नई लहर - मोबाइल से पंचायत
इस बार गांव में युवा सरपंच की लहर चल रही है। युवा कहते हैं - हमें डिजिटल पंचायत चाहिए। हमें मोबाइल से काम चाहिए।
एक युवा उम्मीदवार ने कहा - मैं पंचायत को डिजिटल बनाऊंगा। जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र - सब मोबाइल पर मिलेगा। आपको जयपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
दूसरे युवा ने कहा - मैं गांव में वाई-फाई लगवाऊंगा, मैं गांव में लाइब्रेरी खोलूंगा, मैं गांव के युवाओं को नौकरी के लिए कोचिंग दिलवाऊंगा।
गांव के बुजुर्ग कहते हैं - पहले सरपंच कागज पर काम करता था, अब युवा मोबाइल पर काम करेगा। अच्छा है, गांव आगे बढ़ेगा।
वोटिंग के नियम - क्या करें, क्या न करें
आज वोट डालने जा रहे हो तो ये नियम जरूर याद रखो।
वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। अपना वोटर ID कार्ड साथ लेकर जाओ। आधार कार्ड भी चल जाएगा।
बूथ के 100 मीटर के अंदर मोबाइल ले जाना मना है। आयोग का सख्त आदेश है। अगर आपने वोट दिखाया तो वोट रद्द हो सकता है।
मतपत्र को मोड़कर डालो। किसी के दबाव में वोट मत डालो। आपका वोट आपकी ताकत है।
एक बुजुर्ग ने बूथ पर कहा - बेटा मैंने 50 साल से वोट डाला है, आज तक किसी को नहीं बताया मैंने किसको वोट दिया। वोट गुप्त होता है, यही लोकतंत्र है।
पूरा शेड्यूल - कब क्या होगा
पहला चरण - 22 अक्टूबर जिला परिषद, 24 अक्टूबर सरपंच - हो गया
दूसरा चरण - 28 अक्टूबर जिला परिषद, 30 अक्टूबर सरपंच - हो गया
तीसरा चरण - 3 नवंबर जिला परिषद, 5 नवंबर सरपंच - आज हो रहा है
चौथा चरण - 14 नवंबर जिला परिषद, 16 नवंबर सरपंच - बाकी है
कल 6 नवंबर को उप-सरपंच का चुनाव होगा। 17 नवंबर को चौथे चरण के उप-सरपंच चुने जाएंगे।
20 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समिति की गिनती होगी। 25-26 नवंबर को जिला प्रमुख चुने जाएंगे। 27-28 नवंबर को पंचायत समिति प्रधान चुने जाएंगे।
2028 से पहले पंचायत ही लिटमस टेस्ट
दिल्ली और जयपुर के बड़े नेता भी आज गांव पर नजर रख रहे हैं। उनका मानना है - जो पंचायत जीतेगा, वही 2028 जीतेगा।
भाजपा कह रही है - गांव में हमारा संगठन सबसे मजबूत है। कांग्रेस कह रही है - गांव का किसान हमारे साथ है, गांव की महिला हमारे साथ है।
लेकिन गांव के लोग कहते हैं - हमें भाजपा-कांग्रेस से मतलब नहीं, हमें काम से मतलब है। जिसने काम किया, हम उसी को जिताएंगे।
कुछ सवाल-जवाब
सवाल राजस्थान पंचायत चुनाव 5 नवंबर 2026 में कितनी पंचायतों में वोटिंग है?
जवाब 3716 ग्राम पंचायतों में।
सवाल वोटिंग टाइम क्या है?
जवाब सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक।
सवाल सरपंच का रिजल्ट कब आएगा?
जवाब आज शाम को ही बूथ पर पता चल जाएगा।
सवाल उप-सरपंच का चुनाव कब है?
जवाब कल 6 नवंबर को।








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