अमित शाह का उत्तराखंड में बड़ा बयान अबकी बार 65 पार क्या भाजपा करेगी हैट्रिक?

अमित शाह ने देहरादून में ऐसा क्या बोला कि पूरा उत्तराखंड हिल गया?
देखो भाई, बात समझो। कल 6 नवंबर को देहरादून में उत्तराखंड का 26वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा था। उसी मंच से अमित शाह ने बड़ा बयान दे दिया। बोले, पिछली बार तुमने 47 सीट दी थी, इस बार 65 से ज्यादा सीट दे दो। हमने तो 60 पार, 70 पार सुना था, लेकिन शाह जी ने सीधा 65 पार बोल दिया। मतलब भाजपा ने उत्तराखंड में अभी से चुनाव का बिगुल फूंक दिया है। उन्होंने 62 परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया, जो 1475 करोड़ की हैं। और साथ में बोले, समान नागरिक संहिता को हम सब भाजपा वाले राज्यों में लागू करेंगे। लोग बोल रहे हैं, शाह जी ने ये बयान ऐसे ही नहीं दिया, इसके पीछे पूरी योजना है।
क्या भाजपा सच में उत्तराखंड में 65 सीट ला सकती है?
अब ये सबसे बड़ा सवाल है। उत्तराखंड में कुल 70 सीट हैं। 2017 में भाजपा को 57 सीट मिली थी, 2022 में 47 सीट मिली थी। मतलब हर बार सीट कम हुई है। अब 65 पार का मतलब है लगभग सारी सीट जीतना। ये काम आसान नहीं है। एक तरफ कांग्रेस बोल रही है, जनता महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है, इस बार बदलाव होगा।
दूसरी तरफ भाजपा बोल रही है, धामी जी ने समान नागरिक संहिता लाकर, नकल माफिया पर काम करके जनता का दिल जीत लिया है। सच ये है कि उत्तराखंड में हमेशा भाजपा और कांग्रेस में ही टक्कर होती है। अगर भाजपा को 65 लाना है तो हर गांव, हर बूथ पर मेहनत करनी पड़ेगी। अभी तो ये सिर्फ लक्ष्य है, असली नतीजा तो फरवरी-मार्च 2027 में पता चलेगा।
कांग्रेस ने अमित शाह के बयान पर क्या जवाब दिया?
कांग्रेस तो इस बयान का इंतजार ही कर रही थी। कांग्रेस के नेता हरीश रावत और करन माहरा ने तुरंत पलटवार किया। बोले, शाह जी पहले ये बताओ, 2022 में जो वादे किए थे वो कहां गए? युवाओं को नौकरी कहां मिली? पलायन कब रुकेगा? कांग्रेस बोल रही है, भाजपा सिर्फ जुमले देती है, काम नहीं करती। देहरादून में जहां शाह जी की रैली थी, उसके पास ही कांग्रेस ने भी अपनी बैठक की। सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस के लोग लिख रहे हैं, 65 पार नहीं, इस बार भाजपा 65 में से 25 पर सिमट जाएगी। मतलब दोनों तरफ से अभी से जुबानी जंग शुरू हो गई है।
उत्तराखंड की जनता इस बयान को कैसे देख रही है?
भाई, जनता तो सब समझती है। देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी में लोग बोल रहे हैं, नेता आते हैं, बड़े-बड़े वादे करते हैं, फिर चले जाते हैं। पहाड़ के लोगों को सड़क, पानी, अस्पताल और नौकरी चाहिए। एक बुजुर्ग ने तो रैली में ही बोल दिया, बेटा 65 पार छोड़ो, पहले हमारे गांव की सड़क तो बना दो। लेकिन भाजपा के कार्यकर्ता बहुत खुश हैं। उनको लग रहा है, शाह जी के आने से कार्यकर्ताओं में नया जोश आ गया है। अब देखना ये है कि ये जोश वोट में बदलता है या नहीं। फिलहाल तो उत्तराखंड की राजनीति पूरी गरम हो गई है।
कुछ सवाल - जवाब
सवाल अमित शाह ने उत्तराखंड में क्या बोला?
जवाब 6 नवंबर को देहरादून में बोले - पिछली बार 47 सीट दी थी, इस बार 65 से ज्यादा सीट दे दो। उत्तराखंड में भाजपा की हैट्रिक करनी है।
सवाल भाजपा 65 सीट ला पाएगी?
जवाब मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। कुल 70 सीट हैं। 2017 में 57 मिली थी, 2022 में 47 मिली थी। 65 पार के लिए हर बूथ पर मेहनत करनी पड़ेगी।
सवाल कांग्रेस ने क्या जवाब दिया?
जवाब कांग्रेस बोली - 65 पार छोड़ो, पहले बताओ नौकरी कहां है? पलायन कब रुकेगा? भाजपा सिर्फ जुमले देती है। इस बार जनता बदलाव करेगी।








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