चंडीगढ़ मेयर चुनाव - 36 वोट वाला देश का सबसे छोटा चुनाव बना उत्तर भारत का सबसे बड़ा सियासी अखाड़ा

चंडीगढ़। सिर्फ 36 वोट। देश का सबसे छोटा चुनाव, लेकिन ड्रामा सबसे बड़ा।
चंडीगढ़ मेयर का चुनाव हर साल जनवरी में होता है और हर साल मामला सुप्रीम कोर्ट तक जाता है। जनवरी 2027 के चुनाव से पहले ही अब फिर से खरीद-फरोख्त की चर्चा तेज हो गई है।
2024 में क्या हुआ था, जिसने देश हिला दिया था?
2024 में AAP-Congress गठबंधन के पास 20 वोट थे (13 AAP + 7 Congress) और BJP के पास 16 वोट (15 पार्षद + 1 सांसद का वोट)।
लेकिन प्रेसाइडिंग ऑफिसर अनिल मसीह ने CCTV के सामने ही 8 वोटों पर गलत निशान लगा कर उन्हें अवैध कर दिया और BJP के मनोज सोनकर को मेयर बना दिया।
वीडियो वायरल हुआ। मामला सुप्रीम कोर्ट गया। चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा - यह लोकतंत्र की हत्या है। कोर्ट ने बैलेट पेपर मंगाए, दोबारा गिनती की और AAP के कुलदीप कुमार को मेयर घोषित किया। इतिहास में पहली बार SC ने सीधे मेयर बनाया।
जनवरी 2027 में क्या होगा?
BJP इस बार पहले से अलर्ट है। पार्टी ने अपने 15 पार्षदों को अभी से एक होटल में शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। दूसरी तरफ गठबंधन कह रहा है कि BJP लोकतंत्र खत्म करना चाहती है।
इस बार नया एंगल SIR वोटर लिस्ट का है। चंडीगढ़ में पंजाब यूनिवर्सिटी के 15 हजार से ज्यादा छात्र वोटर हैं। उनके नाम पर भी बवाल शुरू हो गया है।
पंजाब 2027 से कनेक्शन
ये मेयर चुनाव, पंजाब 2027 का सेमीफाइनल है। अगर गठबंधन जीता तो पंजाब में भी AAP+Congress गठबंधन होगा। अगर BJP जीती तो BJP कहेगी - देखो, उत्तर भारत में हम ही हैं।
कुछ सवाल - जवाब
सवाल चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कुल कितने वोट होते हैं?
जवाब 35 पार्षद + 1 चंडीगढ़ सांसद = कुल 36 वोट। देश का सबसे छोटा चुनाव।
सवाल 2024 में अनिल मसीह ने क्या किया था?*
जवाब प्रेसाइडिंग ऑफिसर अनिल मसीह ने CCTV के सामने ही AAP-Congress के 8 वोटों को अवैध कर दिया था, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था।
सवाल सुप्रीम कोर्ट ने किसे मेयर बनाया था?*
जवाब CJI चंद्रचूड़ की बेंच ने बैलेट पेपर दोबारा गिनकर AAP के कुलदीप कुमार को मेयर घोषित किया था।








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