घुसपैठियों को चुन-चुनकर देश से बाहर निकालेंगे करनाल में अमित शाह ने कांग्रेस पर बोला तीखा हमला

करनाल हरियाणा के करनाल में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का समापन समारोह हुआ। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने करीब एक किलोमीटर लंबी पदयात्रा के बाद जनसभा को संबोधित किया और कांग्रेस व राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।
अमित शाह ने मंच से कहा कि हरियाणा वालों की आवाज इतनी बुलंद होनी चाहिए कि उसकी गूंज राहुल गांधी तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक देशभर में पार्टी मुख्यालयों पर यह अभियान चलाया गया और जनता ने इसे अभूतपूर्व समर्थन दिया है।
गृह मंत्री ने सबसे बड़ा हमला घुसपैठियों के मुद्दे पर किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश के तीन करोड़ घुसपैठियों की चिंता सता रही है, लेकिन भाजपा सरकार का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। देश में अवैध रूप से रह रहे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें चुन-चुनकर देश से बाहर निकाला जाएगा। पहले मतदाता सूची से उनके नाम हटाए जाएंगे और फिर उन्हें देश से बाहर भेजा जाएगा।
अमित शाह ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर विपक्ष के सवालों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी 13 करोड़ वोट काटने का आरोप लगा रहे हैं। असलियत यह है कि इसमें 2.8 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, 6.25 करोड़ लोग एक राज्य से दूसरे राज्य में शिफ्ट हो गए हैं और करीब 3 करोड़ लोग ऐसे हैं जो चुनाव आयोग के सामने आ ही नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपनी हार का अंदेशा है, इसलिए वह चुनाव आयोग और SIR को निशाना बना रहे हैं।
अमित शाह ने राहुल गांधी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह SIR पर चर्चा चाहते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखें। सरकार इस विषय पर संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए भी तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा का सबसे बड़ा मंच है, लेकिन राहुल गांधी संसद चलने नहीं देते, मुद्दों पर चर्चा नहीं करते। संसद में शोर-शराबा और बहिष्कार करना कांग्रेस ने अपना कल्चर बना लिया है।
गृह मंत्री ने 1 नवंबर को दिल्ली में हुई INDIA गठबंधन की रैली की तारीख पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने रैली के लिए वही दिन चुना, जिस दिन 1984 में हजारों निर्दोष सिखों का नरसंहार हुआ था। उन्होंने कांग्रेस पर सिख दंगों, बोफोर्स घोटाले और तुष्टिकरण की राजनीति का भी आरोप लगाया।
अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस की अराजकता और तुष्टिकरण की राजनीति अब पूरी तरह एक्सपोज हो चुकी है और देशवासी इसके खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2024 के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो चुका है।
वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह लड़ाई वोट बचाने की है। कांग्रेस के अनुसार SIR के नाम पर गरीब, दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। इसी के विरोध में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में वोट बचाओ रैली की गई थी। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार चुनाव आयोग के जरिए मतदाता सूची से छेड़छाड़ कर रही है।
करनाल की इस रैली में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। रैली में हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और जमकर नारेबाजी की।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि करनाल की इस रैली से भाजपा ने SIR और घुसपैठ के मुद्दे पर अपनी लाइन साफ कर दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद से लेकर सड़क तक और ज्यादा गरमाएगा।
कुछ सवाल-जवाब
सवाल अमित शाह ने करनाल में क्या कहा?
जवाब घुसपैठियों को चुन-चुनकर देश से बाहर निकालेंगे, पहले वोटर लिस्ट से नाम हटाएंगे।
सवाल SIR पर अमित शाह ने क्या चुनौती दी?
जवाब राहुल गांधी PM मोदी को पत्र लिखें, सरकार SIR पर संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है।
सवाल 1 नवंबर की रैली पर शाह ने क्या सवाल उठाया?
जवाब कांग्रेस ने रैली के लिए वही दिन चुना जिस दिन 1984 में सिखों का नरसंहार हुआ था।
सवाल कांग्रेस का इस पर क्या कहना है?
जवाब कांग्रेस कह रही है SIR के नाम पर गरीब, दलित और अल्पसंख्यक वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं, ये वोट बचाने की लड़ाई है।








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