राहुल गांधी का भगवंत मान पर सबसे बड़ा हमला 'सुबह 11 बजे शराब की बदबू आती थी, जो सीएम पीता हो वो ड्रग्स कैसे खत्म करेगा?

पंजाब की राजनीति में अब वो हो रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ।
कल तक जो पार्टियां एक-दूसरे पर नीतियों को लेकर हमला करती थीं, अब वो एक-दूसरे के चरित्र पर उतर आई हैं।
4 नवंबर को संगरूर में कांग्रेस की इंसाफ रैली थी। राहुल गांधी मंच पर आए। सामने बैठे थे हजारों लोग। राहुल ने माइक पकड़ा और सीधे भगवंत मान पर हमला बोल दिया।
उन्होंने कहा, "मैं मान साहब को लोकसभा से जानता हूं। जब वो सांसद थे, तो सुबह 11 बजे ही उनसे शराब की बदबू आती थी। वो वहीं बैठकर जोक सुनाते थे। अब आप ही बताओ, जो आदमी हर शाम पीता हो, वो पंजाब से नशा कैसे खत्म करेगा?"
बस, इतना कहना था कि रैली में हंगामा मच गया।
राहुल यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि पंजाब की सरकार पंजाब से नहीं चल रही। आधी डोर दिल्ली में केजरीवाल के हाथ में है, आधी अमित शाह के हाथ में है। मान साहब तो सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री हैं।
अब सवाल ये है कि राहुल ने ऐसा क्यों कहा?
दरअसल, 2022 में AAP ने कांग्रेस को पंजाब में बुरी तरह हराया था। 92 सीटें जीत ली थीं। कांग्रेस आज तक वो हार भूली नहीं है। अब 2027 का चुनाव आ रहा है, तो कांग्रेस बदला लेना चाहती है। इसलिए राहुल ने मान के गृह जिले संगरूर से ही हमला शुरू किया।
लेकिन AAP भी कहां चुप बैठने वाली थी।
राहुल के बयान के 2 घंटे बाद ही AAP ने राहुल गांधी का 'पप्पू' पोस्टर जारी कर दिया। पोस्टर में लिखा था, "राहुल गांधी बार-बार थाईलैंड क्यों जाते हैं?"
AAP के नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, "ये बहुत घटिया हमला है। राहुल को पहले खुद को देखना चाहिए।"
इसके बाद कांग्रेस ने भी केजरीवाल का एक पोस्टर जारी किया, जिसमें उनको RSS की वर्दी में दिखाया गया।
कुछ सवाल - जवाब
सवाल राहुल गांधी ने भगवंत मान के बारे में क्या कहा था?
जवाब राहुल ने कहा कि जब मान लोकसभा में सांसद थे, तो सुबह 11 बजे ही उनसे शराब की बदबू आती थी। जो हर शाम पीता हो, वो नशा कैसे खत्म करेगा।
सवाल AAP ने राहुल गांधी को क्या जवाब दिया?
जवाब AAP ने राहुल का 'पप्पू' पोस्टर जारी किया और पूछा कि वो बार-बार थाईलैंड क्यों जाते हैं।
सवाल इंसाफ रैली कहां और कब हुई?
जवाब यह रैली 4 नवंबर 2026 को संगरूर में हुई थी, जो भगवंत मान का अपना जिला है।
सवाल इस लड़ाई से पंजाब चुनाव पर क्या असर पड़ेगा?
जवाब अब चुनाव मुद्दों पर कम और निजी हमलों पर ज्यादा होगा। कांग्रेस और AAP दोनों एक-दूसरे को नीचे गिराने में लगे हैं, इसका फायदा BJP-Akali को मिल सकता है।








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